यहां आपके #DhulHijjah
यहां आपके #DhulHijjah अच्छे कामों के ढेर में जोड़ने के लिए एक दिमाग ल ड़ाने वाली कार्रवाई है। 1440 मिनट में से लगभग 7 मिनट लगेंगे जो अल्लाह हमें रोज़ देता है। पैगंबर ﷺ ने कहा, "जो कोई दिन में सौ बार कहता है, 'ला इलाहा इल्लल्लाह, वहदाहु ला शारीका लाह, लाहुल मुल्कु वा लाहुल हमदु वा हुआ कुली शाय-इन कदीर', यह उसके लिए दस दासों को मुक्त करने के समान है। उसके लिए सौ अच्छे कर्म ( नेकी) लिखे जाते हैं और उससे सौ गलत कर्म (गुनाह) मिट जाते हैं, और यह उस दिन के लिए रात तक शैतान से सुरक्षा है। इससे बढ़कर कोई और उत्कृष्ट कार्य नहीं करता, सिवाय उसके जो उससे अधिक करता है ।" (मुवाट्टा') ➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨➨ Here's a mind blowing action to add to your #DhulHijjah stack of good deeds. It will take about 7 minutes out of the 1440 minutes Allah blesses us with everyday. The Prophet ﷺ said, "Whoever says, 'Laa ilaaha illallaah, wahdahu laa shareeka lah, lahul mulku wa lahul hamdu wa huwa alaa kulli shay-in qadeer' one hundred times a day, it is the same for him as ...